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- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
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वी.वी.आई.पी. कल्चर राजशाही का प्रतीक….लाल बत्ती पर रोक अच्छा कदम..!
केंद्र सरकार ने अपने मंत्रियों की कार पर लाल बत्ती लगाने पर रोक लगा दी है, यह एक स्वागत योग्य निर्णय है।हमारे देश में वी वी आई पी वाद इस कदर हावी हो चुका है कि इस सुविधा को प्राप्त करने वाले लोग खुद को खुदा से कम नहीं समझते हैं, इंसान व इंसान में भेद करने वाला यह वीआईपी कल्चर खत्म होना ही चाहिए। अभी तो लाल बत्ती बन्द की है,फिर भी अभी बहुत कुछ करना बाकी है। मंत्रियों व अफसरों को अति महत्व देना राजनीति व प्रशासकीय व्यवस्था की एक विकृति ही है।कहने को लोकतंत्र और
व्यवहार में पूरा राजतन्त्र यह विरोधाभास
क्यों…!
इस तरह की विलासिता प्रधान व्यवस्था जिसकी आड़ में और भी बहुत कुछ पा लिया जाता है कही न कहीं भृष्टाचार व अनाचार को भी बढ़ावा देती है। लाल बत्ती की लालिमा में कितने व्यारे-न्यारे होते हैं यह किसी से छिपा नहीं है। राजनीति के रास्ते बड़े पद प्राप्त करने वाले और ऊँची कुर्सियां पाने वाले
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